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कोई पार नदी के गाता!- Harivansh Rai Bachchan

कोई पार नदी के गाता!- Harivansh Rai Bachchan

कोई पार नदी के गाता! भंग निशा की नीरवता कर,इस देहाती गाने का स्वर,ककड़ी के खेतों से उठकर, आता जमुना पर लहराता!कोई पार नदी के गाता! होंगे भाई-बंधु निकट ही,कभी सोचते होंगे यह भी,इस तट पर भी बैठा कोई उसकी तानों से सुख पाता!कोई पार नदी के गाता! आज न जाने क्यों होता मनसुनकर यह एकाकी गायन,सदा […]

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कभी जब याद आ जाते- Namwar Singh

कभी जब याद आ जाते- Namwar Singh

कभी जब याद आ जाते नयन को घेर लेते घन, स्वयं में रह न पाता मन लहर से मूक अधरों पर व्यथा बनती मधुर सिहरन न दुःख मिलता न सुख मिलता न जाने प्राण क्या पाते! तुम्हारा प्यार बन सावन, बरसता याद के रसकन कि पाकर मोतियों का धन उमड़ पड़ते नयन निर्धन विरह की […]

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क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता- वसीम बरेलवी

क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता- वसीम बरेलवी

क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता आँसू की तरह आँख तक आ भी नहीं सकता तू छोड़ रहा है, तो ख़ता इसमें तेरी क्या हर शख़्स मेरा साथ, निभा भी नहीं सकता प्यासे रहे जाते हैं जमाने के सवालात किसके लिए ज़िन्दा हूँ, बता भी नहीं सकता घर ढूँढ रहे हैं मेरा […]

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भारत माँ के लाल होते हैं- मो. ज़ाहिद हुसैन

भारत माँ के लाल होते हैं- मो. ज़ाहिद हुसैन

तिरंगे की हिफाज़त के लिए, तिरंगे मे ही लिपट कर आ जाते हैं..!! वो शेर कोई और नहीं, भारत माँ के लाल होते हैं।। माँ-बाप, भाई-बहन सब देश को ही बतलाते हैं, अपनी मिट्टी के लिए खुद की कुर्बानी को वो अपना फर्ज़ समझते हैं..!! वो शेर कोई और नहीं, भारत माँ के लाल होते […]

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कोई किसी से ख़ुश हो और वो भी बारहा हो– Nida Fazli

कोई किसी से ख़ुश हो और वो भी बारहा हो– Nida Fazli

कोई किसी से ख़ुश हो और वो भी बारहा हो ये बात तो ग़लत है रिश्ता लिबास बन कर मैला नहीं हुआ हो ये बात तो ग़लत है वो चाँद रहगुज़र का साथी जो था सफ़र था मो’जिज़ा नज़र का हर बार की नज़र से रौशन वो मो’जिज़ा हो ये बात तो ग़लत है है […]

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My Valentine Girl- Sachin Sarthak

My Valentine Girl- Sachin Sarthak

कुछ लड़कियां न बड़ी अजीब होती है , उनमें से एक तुम हो ! बड़ी बातुनी टाइप की … और तो और किसी बड़े दार्शनिक की तरह , फिलॉसफी झाड़ते रहती हो … कि इश्क में वेलेंटाइन वीक का होना जरूरी है क्या ? मुझे न ये सब चीजें बड़ी अवकवार्ड लगती है , हलांकि […]

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मुल्क को कुछ इस तरह बदनाम करते है ।

मुल्क को कुछ इस तरह बदनाम करते है ।

हमारे मुल्क को कुछ इस तरह बदनाम करते है , भुलाकर अपनी संस्कृति जश्न ए जाम करते है , जो हमारी दामिनी की आबरू नीलाम करते है , कुछ नही वो बस घिनौना काम करते है , – – – – – – – – – – – – – – – – वो अपने […]

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Farewell…….

Farewell…….

#Farewell….. सुनने में तो ये ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं लगता पर अब शायद याद सी आ रही है | बी.आर.डी. में जब दाखिला हुआ तो मैं शायद कुछ लोग को ही जानता था फिर धीरे धीरे सबसे परिचय हुआ | पहला साल तो सोचता था कि कब यहां से निकलूंगा | हमलोगो को पहले साल बहुत […]

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क्या मैं लिखू तेरे बारे मे?

क्या मैं लिखू तेरे बारे मे?

एक बात पुछनी है तुमसे क्या मै लिखू तेरे बारे मे? हाँ मै जानता हूँ तुझे लिखते- लिखते मेरी पलके गीली हों जाएगी. हाँ मै जानता हुँ की तुझे लिखते- लिखते शायद मेरे आँशु मेरे गालों को छुते हुए डायरी के पन्ने को भीगायेगी. हाँ मै जानता हुँ तुझे लिखते- लिखते मेरा दिल भारी हों […]

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पुष्प की अभिलाषा- माखन लाल चतुर्वेदी

पुष्प की अभिलाषा- माखन लाल चतुर्वेदी

चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ चाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ चाह नहीं देवों के सिर पर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ मुझे तोड़ लेना बनमाली उस पथ पर देना तुम फेंक मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने जिस पथ पर जावें […]

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