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मेरा गांव बहुत बदल सा गया है..(लघुकथा) – शीतांशु मणि

मेरा गांव बहुत बदल सा गया है..(लघुकथा) – शीतांशु मणि

बहुत बदल सा गया है हमारा गाँव, शायद मुझे तो इससे जलन गयी है । वो आसमा मे तैरने वाला बादल भी शायद खफा हो गया है, सुबह की आगोश में चिड़ियों की चहचहाती खनक मेरी कानो को खटक सी रही हैं। सुबह की सुरज की खुबसुरती पे भी ना जाने क्यो धुँधलापन नजर आ […]

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जब दिख जाए आपकी गुलाबी आँखे 

जब दिख जाए आपकी गुलाबी आँखे 

    जब दिख जाए आपकी गुलाबी आँखे कुछ न दिखता उस मंज़र से आगे।   घुम रही थी वो हाथो मे लेकर रख दिया हमने भी दिल अपना उस खंजर के आगे।   इस जहाँ मे क्या रखा हैं परिंदे चलो चलें हम उस अंबर के आगे ।   कब तक टहलते रहोगे किनारे […]

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प्यार भले न था आँखो मे हिकारत भी नही थी

प्यार भले न था आँखो मे हिकारत भी नही थी

प्यार भले न था आँखो मे हिकारत भी नही थी हाँ मगर उसके देखने मे वो शरारत भी नही थी। रुख़्सार पे लटक आई जुल्फों को हटा दिया हमने मगर इस मर्तबा उसकी इजाजत भी नही थी। हलवानी सी उसकी आँखे को निहारते रहे जनाब इससे आगे बढ़ने की हमारी हिमाकत भी नही थी। शाकिर […]

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वो देखने आई थी अपने आशिक को आख़िरी दफा 

वो देखने आई थी अपने आशिक को आख़िरी दफा 

वो देखने आई थी अपने आशिक को आख़िरी दफा अभी तक महक रही हैं ईट उस मज़ार का। पालकी मे बैठीं कौन हैं वो ? की सिर्फ उसके खुशबू से मदमस्त हुआ जा रहा हैं रूह भी कहार का। वो टूटा भी अगर तो कयामत थोरि न बरप गई खिलौना ही तो था वो आपके […]

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तुम

तुम

मेरा होना भी तुम मेरा खोना भी तुम मेरा रास्ता भी तुम मेरी मंजिल भी तुम मेरा साहस भी तुम मेरा डर भी तुम मिलन की रात भी तुम विरह की आग भी तुम चाँद की नरमी भी तुम सूरज की गरमी भी तुम प्रीत भी तुम संगीत भी तुम इस जग की सुंदर रीत […]

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कभी जब याद आ जाते- Namwar Singh

कभी जब याद आ जाते- Namwar Singh

कभी जब याद आ जाते नयन को घेर लेते घन, स्वयं में रह न पाता मन लहर से मूक अधरों पर व्यथा बनती मधुर सिहरन न दुःख मिलता न सुख मिलता न जाने प्राण क्या पाते! तुम्हारा प्यार बन सावन, बरसता याद के रसकन कि पाकर मोतियों का धन उमड़ पड़ते नयन निर्धन विरह की […]

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क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता- वसीम बरेलवी

क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता- वसीम बरेलवी

क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता आँसू की तरह आँख तक आ भी नहीं सकता तू छोड़ रहा है, तो ख़ता इसमें तेरी क्या हर शख़्स मेरा साथ, निभा भी नहीं सकता प्यासे रहे जाते हैं जमाने के सवालात किसके लिए ज़िन्दा हूँ, बता भी नहीं सकता घर ढूँढ रहे हैं मेरा […]

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तबियत खराब रहने दो

तबियत खराब रहने दो

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Farewell…….

Farewell…….

#Farewell….. सुनने में तो ये ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं लगता पर अब शायद याद सी आ रही है | बी.आर.डी. में जब दाखिला हुआ तो मैं शायद कुछ लोग को ही जानता था फिर धीरे धीरे सबसे परिचय हुआ | पहला साल तो सोचता था कि कब यहां से निकलूंगा | हमलोगो को पहले साल बहुत […]

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I don’t love you anymore

I don’t love you anymore

I don’t love you anymore   हाँ तुमसे पूरे दिन पूरी रात बात करना अगर मोहब्बत हैं। हाँ तुम्हारे सामने बेखौफ अपना बचपना खोल देना अगर मोहब्बत हैं। हाँ तेरी कहीं हर बात को हर जवाब को आँख बंद करके सच मान लेना अगर मोहब्बत हैं। हाँ तुम्हारे लिए दुनियाँ से लड़ जाऊँगा उस जज्बे […]

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