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Nightmare- Aastha Singh

Nightmare- Aastha Singh

You know what? I hate you yes I do ! But do I actually ? You broke me into thousands possible pieces you could but you know what? My shoulders still craves for your warmthMy heart still craves for that love you gave me for a particular secondYou know that second means the world to […]

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याद हमारी उनकी आई न जाने कितनी बार

याद हमारी उनकी आई , न जाने कितनी बार । तन्हाइयों से हुई लड़ाई , न जाने कितनी बार । वो मेहंदी वाली हाथो में । वो हंसी ठिठोली बातों में । इक अजब सा मंजर होता था , वो चाँदनी वाली रातों में । फिर पायल छनकाई , होश उड़ाई , न जाने कितनी […]

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अपनी मोहब्बत का यह पैग़ाम लिखा है- Deepika

अपनी मोहब्बत का यह पैग़ाम लिखा है- Deepika

नज्म़ नज्म़ में तेरा बखान लिखा है । अपनी मोहब्बत का यह पैग़ाम लिखा है ।। तेरी आंखों की चमक हमें रास आ गई, होठों की वो मुस्कान कुछ कानों में कह गई । सुनहरे बालों का कुछ जादू सा चल गया, तेरे हुस्न-ओ-अदा पे कुछ फ़ना सा हो गया । हर्फ़ दर हर्फ़ फिर […]

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माँ की मुस्कराहट- कवि अंकित द्विवेदी “अनल”

माँ की मुस्कराहट- कवि अंकित द्विवेदी “अनल”

पाना है खुदा की रहमत, तो नेकी कर आओ।और सुकून पाना है जिंदगी में, तो माँ के साथ समय बिताओ।। हर दुख हर तकलीफ़ मिटा देती हैं ।मेरी माँ मेरे हर अच्छे बुरे में मुझे दुआ देती है ।। उसके पास तालीम नहीं किताबों की फिर भी मुझे क़ाबिल बनाया । उसने कभी नई साड़ी […]

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माँ – Anadya

माँ – Anadya

आपसे मै इस जग में आई.. आप ही आप जो मुझ में समाई.. आप मेरे जीवन की आशा.. आपसे ही मेरी अभिलाषा.. आप मेरे जीवन की शक्ति.. आप ही ईश् आप ही भक्ति.. आपसे ही है मेरी काया.. कड़ी धूप में ठंडी छाया.. आप खुश तो घर में खुशहाली.. आपसे ही होली दीवाली.. सबसे प्यारी […]

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ख़ुशनसीब थे वो जो इस भंवर से निकल गए- Prakhar Pandey ‘Adil’

ख़ुशनसीब थे वो जो इस भंवर से निकल गए- Prakhar Pandey ‘Adil’

ख़ुशनसीब थे वो जो इस भंवर से निकल गए ये वही हैं जो दुनिया की बहर से निकल गए सफर में निकले हैं तो कहीं तो पहुँचेंगे यही सोचकर अक्सर हम घर से निकल गए उन दोनों का सिलसिला मरते मरते मर गया वो लोग जो एक दूसरे के अंदर से निकल गए अब जो […]

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एहसास- मिना नाज़ क़ादरी (माही)

एहसास- मिना नाज़ क़ादरी (माही)

c वो लफ़्जो की तिजारत थी और ये दिल कुछ और समझा था उसे हंसने की आदत थी और ये दिल कुछ और समझा था मझे उसने कहा आओ नई दुनिया बसाते हैं उसे सूझी शरारत थी और ये दिल कुछ और समझा था हमेशा उसकी आंखों में धनक से रंग रहते थे ये उसकी […]

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माँ- शीतांशु मणि

माँ- शीतांशु मणि

मेरे जन्म के बाद नर्स ने मुझे मां की गोद में फरमाया,पर मुझे लगा कौन सा मखमल के बिस्तर पर सुलाया ।जब मैं बड़ा हुआ तो मुझे दुनिया ने ये बात बताया,अरे पागल वह मखमल का बिस्तर नहींतेरी मां के दोनो हाथो पर तुझे नर्स ने सुलाया.।। किसी की नजर ना लगे इसलिये, उन्होंने तुझे […]

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नूह की कश्ती- Shahid Ansari

नूह की कश्ती- Shahid Ansari

मैंचादर के एक हिस्से से जुड़ा, लटका हुआ हूँ, आकाश और पाताल के बीच । जहाँ मैं हूँ , वहाँ कोई आना नहीं चाहता, कपड़े का वो छोटा सा सिरा जिसके सहारे मैं टिका हुआ हूँ, वो टूटेगा तब जब उसे नहीं टूटना चाहिए । पर मेरे कहने से क्या होता है? क्या नूह की […]

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कोई पार नदी के गाता!- Harivansh Rai Bachchan

कोई पार नदी के गाता!- Harivansh Rai Bachchan

कोई पार नदी के गाता! भंग निशा की नीरवता कर,इस देहाती गाने का स्वर,ककड़ी के खेतों से उठकर, आता जमुना पर लहराता!कोई पार नदी के गाता! होंगे भाई-बंधु निकट ही,कभी सोचते होंगे यह भी,इस तट पर भी बैठा कोई उसकी तानों से सुख पाता!कोई पार नदी के गाता! आज न जाने क्यों होता मनसुनकर यह एकाकी गायन,सदा […]

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