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माँ – Anadya

माँ – Anadya

आपसे मै इस जग में आई.. आप ही आप जो मुझ में समाई.. आप मेरे जीवन की आशा.. आपसे ही मेरी अभिलाषा.. आप मेरे जीवन की शक्ति.. आप ही ईश् आप ही भक्ति.. आपसे ही है मेरी काया.. कड़ी धूप में ठंडी छाया.. आप खुश तो घर में खुशहाली.. आपसे ही होली दीवाली.. सबसे प्यारी […]

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ख़ुशनसीब थे वो जो इस भंवर से निकल गए- Prakhar Pandey ‘Adil’

ख़ुशनसीब थे वो जो इस भंवर से निकल गए- Prakhar Pandey ‘Adil’

ख़ुशनसीब थे वो जो इस भंवर से निकल गए ये वही हैं जो दुनिया की बहर से निकल गए सफर में निकले हैं तो कहीं तो पहुँचेंगे यही सोचकर अक्सर हम घर से निकल गए उन दोनों का सिलसिला मरते मरते मर गया वो लोग जो एक दूसरे के अंदर से निकल गए अब जो […]

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एहसास- मिना नाज़ क़ादरी (माही)

एहसास- मिना नाज़ क़ादरी (माही)

c वो लफ़्जो की तिजारत थी और ये दिल कुछ और समझा था उसे हंसने की आदत थी और ये दिल कुछ और समझा था मझे उसने कहा आओ नई दुनिया बसाते हैं उसे सूझी शरारत थी और ये दिल कुछ और समझा था हमेशा उसकी आंखों में धनक से रंग रहते थे ये उसकी […]

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माँ- शीतांशु मणि

माँ- शीतांशु मणि

मेरे जन्म के बाद नर्स ने मुझे मां की गोद में फरमाया,पर मुझे लगा कौन सा मखमल के बिस्तर पर सुलाया ।जब मैं बड़ा हुआ तो मुझे दुनिया ने ये बात बताया,अरे पागल वह मखमल का बिस्तर नहींतेरी मां के दोनो हाथो पर तुझे नर्स ने सुलाया.।। किसी की नजर ना लगे इसलिये, उन्होंने तुझे […]

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नूह की कश्ती- Shahid Ansari

नूह की कश्ती- Shahid Ansari

मैंचादर के एक हिस्से से जुड़ा, लटका हुआ हूँ, आकाश और पाताल के बीच । जहाँ मैं हूँ , वहाँ कोई आना नहीं चाहता, कपड़े का वो छोटा सा सिरा जिसके सहारे मैं टिका हुआ हूँ, वो टूटेगा तब जब उसे नहीं टूटना चाहिए । पर मेरे कहने से क्या होता है? क्या नूह की […]

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कोई पार नदी के गाता!- Harivansh Rai Bachchan

कोई पार नदी के गाता!- Harivansh Rai Bachchan

कोई पार नदी के गाता! भंग निशा की नीरवता कर,इस देहाती गाने का स्वर,ककड़ी के खेतों से उठकर, आता जमुना पर लहराता!कोई पार नदी के गाता! होंगे भाई-बंधु निकट ही,कभी सोचते होंगे यह भी,इस तट पर भी बैठा कोई उसकी तानों से सुख पाता!कोई पार नदी के गाता! आज न जाने क्यों होता मनसुनकर यह एकाकी गायन,सदा […]

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गिरते – पड़ते लफ्ज़ो पे ऐतबार करते हो

गिरते – पड़ते लफ्ज़ो पे ऐतबार करते हो

गिरते- पड़ते लफ्ज़ो पे ऐतबार करते हो इस जमाने मे भी तुम प्यार करते हो। चाँद अगर हैं भी सामने, तो नजर झुका के रखो तेरी औकात नही हैं की आँखे चार करते हो। इन्ही फिज़ाओ मे शामिल हैं ख़ुशबू उसकी इन्ही फिज़ाओ के मुकाबिल रुख यार करते हो। दरमियाँ अब फासले मिटेंगे नही कभी […]

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वहीं आके मिलेंगे मैं और तु

वहीं आके मिलेंगे मैं और तु

जहाँ इश्क़ न हो, हो जुनून वहीं आके मिलेंगे मैं और तू हम मिलेंगे वहाँ तो बहारें भी होंगी उछलती मस्तियों सी नज़ारे भी होंगी होंगी वहाँ पे झिलमिल सितारे दबी सि हँसी मे हाँ हमको पुकारे कोयल की कू – कू से गूंजेगी महफ़िल जहाँ न होगा कोई भी संगदिल तु देखे इधर मैं […]

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जब दिख जाए आपकी गुलाबी आँखे 

जब दिख जाए आपकी गुलाबी आँखे 

    जब दिख जाए आपकी गुलाबी आँखे कुछ न दिखता उस मंज़र से आगे।   घुम रही थी वो हाथो मे लेकर रख दिया हमने भी दिल अपना उस खंजर के आगे।   इस जहाँ मे क्या रखा हैं परिंदे चलो चलें हम उस अंबर के आगे ।   कब तक टहलते रहोगे किनारे […]

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Soldier’s wife love

Soldier’s wife love

डर था कि नहीं आओगे मगर भरोसा था या तो जीत कर आओगे , या तिरंगे में लिपटे हुए गर्व से आओगे … आज भी तुम्हारी शर्ट से खुशबू सी आती है , आज भी तुम्हारे पास होने का एहसास कराती है … फ़र्ज़ के आगे मेरा प्यार कुछ नही तुम्हारी और मेरी नन्ही सी […]

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