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प्यार भले न था आँखो मे हिकारत भी नही थी

प्यार भले न था आँखो मे हिकारत भी नही थी

प्यार भले न था आँखो मे हिकारत भी नही थी हाँ मगर उसके देखने मे वो शरारत भी नही थी। रुख़्सार पे लटक आई जुल्फों को हटा दिया हमने मगर इस मर्तबा उसकी इजाजत भी नही थी। हलवानी सी उसकी आँखे को निहारते रहे जनाब इससे आगे बढ़ने की हमारी हिमाकत भी नही थी। शाकिर […]

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वो देखने आई थी अपने आशिक को आख़िरी दफा 

वो देखने आई थी अपने आशिक को आख़िरी दफा 

वो देखने आई थी अपने आशिक को आख़िरी दफा अभी तक महक रही हैं ईट उस मज़ार का। पालकी मे बैठीं कौन हैं वो ? की सिर्फ उसके खुशबू से मदमस्त हुआ जा रहा हैं रूह भी कहार का। वो टूटा भी अगर तो कयामत थोरि न बरप गई खिलौना ही तो था वो आपके […]

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तुम

तुम

मेरा होना भी तुम मेरा खोना भी तुम मेरा रास्ता भी तुम मेरी मंजिल भी तुम मेरा साहस भी तुम मेरा डर भी तुम मिलन की रात भी तुम विरह की आग भी तुम चाँद की नरमी भी तुम सूरज की गरमी भी तुम प्रीत भी तुम संगीत भी तुम इस जग की सुंदर रीत […]

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उजर गई तमन्नाओं की एक बुत आशियाने मे 

उजर गई तमन्नाओं की एक बुत आशियाने मे 

उजर गई तमन्नाओं की एक बुत आशियाने मे सजाई थी जिन्हें हमने कई जमाने मे उन्हें हमारा ख्याल भी नही रहा शायद हमे तो वो और याद आते रहे भूल जाने मे मोहब्बत तो फ़कत हमारे तरफ से ही रही उन्होंने तो गवायाँ वक़्त हमे आजमाने मे सारे खत उनके दरिया मे बहा आये हम […]

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कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया- Sahir Ludhianvi

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया- Sahir Ludhianvi

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया किस लिए जीते हैं हम किस के लिए जीते हैं बारहा ऐसे सवालात पे रोना आया कौन रोता […]

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किसी के नज़्मों मे गजलो मे फिर से छा रही होंगी

किसी के नज़्मों मे गजलो मे फिर से छा रही होंगी

किसी के नज़्मों मे गजलो मे फिर से छा रही होंगी मुझे यकीन हैं शायद वो फिर से आ रही होगी सच तो ये हैं की भूल चुका हूँ मैं उसे वो किसी और के दिल को धरका रही होगी अफसुर्दा से इन रातों का आलम किसे कहे शबे ए वस्ल मे वो जुगनू बनके […]

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बढ़े चलो! बढ़े चलो!      -सोहनलाल द्विवेदी

बढ़े चलो! बढ़े चलो! -सोहनलाल द्विवेदी

न हाथ एक शस्त्र हो न हाथ एक अस्त्र हो, न अन्न, नीर, वस्त्र हो, हटो नहीं, डटो वहीं, बढ़े चलो! बढ़े चलो! रहे समक्ष हिमशिखर, तुम्हारा प्रण उठे निखर, भले ही जाए तन बिखर, रुको नहीं, झुको नहीं बढ़े चलो! बढ़े चलो! घटा घिरी अटूट हो, अधर में कालकूट हो, वही अम्रत का घूँट […]

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कभी जब याद आ जाते- Namwar Singh

कभी जब याद आ जाते- Namwar Singh

कभी जब याद आ जाते नयन को घेर लेते घन, स्वयं में रह न पाता मन लहर से मूक अधरों पर व्यथा बनती मधुर सिहरन न दुःख मिलता न सुख मिलता न जाने प्राण क्या पाते! तुम्हारा प्यार बन सावन, बरसता याद के रसकन कि पाकर मोतियों का धन उमड़ पड़ते नयन निर्धन विरह की […]

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क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता- वसीम बरेलवी

क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता- वसीम बरेलवी

क्या दुःख है, समंदर को बता भी नहीं सकता आँसू की तरह आँख तक आ भी नहीं सकता तू छोड़ रहा है, तो ख़ता इसमें तेरी क्या हर शख़्स मेरा साथ, निभा भी नहीं सकता प्यासे रहे जाते हैं जमाने के सवालात किसके लिए ज़िन्दा हूँ, बता भी नहीं सकता घर ढूँढ रहे हैं मेरा […]

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भारत माँ के लाल होते हैं- मो. ज़ाहिद हुसैन

भारत माँ के लाल होते हैं- मो. ज़ाहिद हुसैन

तिरंगे की हिफाज़त के लिए, तिरंगे मे ही लिपट कर आ जाते हैं..!! वो शेर कोई और नहीं, भारत माँ के लाल होते हैं।। माँ-बाप, भाई-बहन सब देश को ही बतलाते हैं, अपनी मिट्टी के लिए खुद की कुर्बानी को वो अपना फर्ज़ समझते हैं..!! वो शेर कोई और नहीं, भारत माँ के लाल होते […]

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