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Editor Cona

गुड़िया- Shivam Jha

“सुनो न मेरी प्यारी गुड़िया आज न हमलोग छुपम- छुपाई खेलेंगे, तुम छुप जाना मैं तुमको ढूंढूंगी, और फिर जब माँ आ जाएगी ऑफिस से

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याद- मिना नाज़ (माही)

मैंने देखा था उन दिनों मे उसे जब वो खिलते गुलाब जैसा था उसकी जुल्फों से भीगती थी घटा उसका रुख़ माहताब जैसा था लोग

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पॉलिटिक्स वाली प्रेम कहानी- Kamaal

“यार, सलमान.. तुम हमारी रिलेशनशिप को लेकर इतनी कन्फ्यूजन में क्यूँ रहते हो?”, श्रेया ने सलमान की उंगलियों से खेलते हुए पूछा। “पता नहीं क्यूँ,

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School Trip- Priyanka Kashyap

टीचर हिमांशु से ये पूछती है ‘हिमांशु तुम्हें नहीं जाना क्या ट्रिप पर?, हिमांशु तभी जोर से जवाब देता है ‘क्यों नहीं मिस’। ‘गुम कहां

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माँ- Shivam Jha

माँ कुछ खाने को दे दो, खांसते हूए बबलू ने अपनी माँ से कहा। बबलू तीन दिन से बुखार से तरप रहा था ।माँ ने

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