पॉलिटिक्स वाली प्रेम कहानी- Kamaal

पॉलिटिक्स वाली प्रेम कहानी- Kamaal

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“यार, सलमान.. तुम हमारी रिलेशनशिप को लेकर इतनी कन्फ्यूजन में क्यूँ रहते हो?”, श्रेया ने सलमान की उंगलियों से खेलते हुए पूछा।
“पता नहीं क्यूँ, पर तुम मुझे भाज़पा सी लगती हो, ना जाने कब तुम्हारे हाथों की ये उंगलियां बदल जायें, ना जाने कब हमारे प्यार पर किसी दिन 12 बजे रात को जीएसटी लग जाए या फिर इस आशिकी का नोटबन्दी सरीखा हाल हो जाए”
“पर क्यूँ लगता है तुम्हें ऐसा?”
“क्यूंकी मैने तुम्हें उनलोगों के साथ तस्वीरों में बेहद खुश देखा है जिंनकी बुराई करते तुम आज थकती नहीं और मेरे दिमाग में लालू-नीतीश, भाजपा-पीडीपी का जोड़ा ना चाहते हुए भी आ जाता है”
“पागल हो तुम, चलो शिकंजी पीते हैं”
“शिकंजी….. ह्म्म चलो”

-Kamaal

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